हम जीवों के लिए उपयुक्त माहौल बनाएं, जीव हमारे लिए स्वस्थ पर्यावरण बनाएंगे
अनुराग शुक्ला 🐯🌳💮🐞🌲🎄 22 मई को #अंतरराष्ट्रीय_जैव_विविधता_दिवस है। साल 2024 की थीम है ‘योजना का हिस्सा बनें’। हम जरा सा ध्यान दें तो पाएंगे कि हमारे आसपास जैव विविधता की विस्तृ़त शृंखला मौजूद है। जैव विविधता में नन्हीं कीट से लेकर विशाल पशु-पक्षी तक, घास से लेकर आसमान छूते पेड़ों तक और जमीन पर रेंगने वाले जीवों से लेकर सागर की अनंत गहराइयों तक में गोते लगाने वाले जीव हैं। इसे ऐसा भी कह सकते हैं कि सूक्ष्म से लेकर विशाल तक जो भी जीवित है सबकुछ इसके अंतर्गत आता है। हाल के वर्षों में जैव विविधता को बहुत ज्यादा और तेजी से नुकसान हुआ है। कुछ जीवों को खत्म होते हम देख रहे हैं जबकि कई ऐसे हैं जिनके दिखने न दिखने का हमें पता तक नहीं चलता। परंतु वे सभी हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसे ऐसे समझें कि नन्हीं मधुमक्खी को सामान्यत: हम शहद के लिए ही जानते हैं परंतु शहद उत्पादन उसका एक दिखने वाला कार्य है। प्रकृति उस नन्हीं जीव की सहायता से अन्न, फल, फूल आदि के उत्पादन के लिए परागण जैसी अति आवश्यक प्रक्रिया को पूर्ण करवाती है ताकि हमसभी का पेट भर सके। यदि मधुमक्खियां या उसके जैस...